Tuesday, 27 October 2026  |  लखनऊ, उत्तर प्रदेश
● LIVE — ताज़ा अपडेट  |  lokayatdarpan.in
लोकायत दर्पण
Lokayat Darpan · Hindi News Portal · Lucknow, India
सत्य • निष्पक्ष • जनहित
ताज़ा ख़बरें, हर पल
राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और उत्तर प्रदेश की हर बड़ी ख़बर
ब्रेकिंग न्यूज़
दिल्ली में हत्या के प्रयास के तीन आरोपी गिरफ्तार हुए●हैदराबाद में सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी की पत्नी की हत्या का खुलासा●दस दिन में चार चुनाव, दुनिया की राजनीति लेगी नया मोड़●बंगाल की खाड़ी में चक्रवात अर्नब मजबूत, तटीय राज्यों में अलर्ट●लूला की जीत पर ट्रंप के सवाल से ब्राजील में तनाव●सूडान में अकाल का खतरा, करोड़ों लोग भोजन को तरसे●एआई दौड़ तेज, एंथ्रोपिक के आईपीओ ने बढ़ाई हलचल●गिरावट के बाद शेयर बाजार में लौटी खरीदारी, सेंसेक्स चढ़ा●दिल्ली में हत्या के प्रयास के तीन आरोपी गिरफ्तार हुए●हैदराबाद में सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी की पत्नी की हत्या का खुलासा●दस दिन में चार चुनाव, दुनिया की राजनीति लेगी नया मोड़●बंगाल की खाड़ी में चक्रवात अर्नब मजबूत, तटीय राज्यों में अलर्ट●लूला की जीत पर ट्रंप के सवाल से ब्राजील में तनाव●सूडान में अकाल का खतरा, करोड़ों लोग भोजन को तरसे●एआई दौड़ तेज, एंथ्रोपिक के आईपीओ ने बढ़ाई हलचल●गिरावट के बाद शेयर बाजार में लौटी खरीदारी, सेंसेक्स चढ़ा
अंतरराष्ट्रीय

दस दिन में चार चुनाव, दुनिया की राजनीति लेगी नया मोड़

27 October 2026, 11:42 am  |  लोकायत दर्पण

वैश्विक राजनीति में इस वक्त एक दुर्लभ दौर देखने को मिल रहा है, जब महज दस दिनों के भीतर चार महत्वपूर्ण चुनाव हुए हैं या होने वाले हैं। इस चुनावी चक्र की शुरुआत ब्राजील के राष्ट्रपति पद के रनऑफ चुनाव से हुई, जिसमें लूला दा सिल्वा ने दक्षिणपंथी उम्मीदवार को हराकर जीत दर्ज की। इसके बाद यूरोप के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देश सर्बिया में चुनाव हुए, जहाँ राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक की लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक पकड़ हिलती दिखी। सर्बिया में पिछले दो वर्षों से छात्र-नेतृत्व वाले बड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद हुए इन चुनावों का मुख्य मुद्दा भ्रष्टाचार, राजनीतिक नियंत्रण और लोकतांत्रिक संस्थानों की स्वतंत्रता रहा है। इस क्रम में इजरायल का चुनाव भी शामिल है। इस दस दिवसीय चुनावी महाकुंभ का समापन अमेरिका के मध्यावधि चुनावों के साथ होगा, जो तीन नवंबर को होने हैं। विश्लेषकों का मानना है कि इन चुनावों के नतीजों से यह तय होगा कि आने वाले समय में दुनिया भर में दक्षिणपंथी राष्ट्रवाद मजबूत होगा या उदारवादी और लोकतांत्रिक ताकतें वापसी करेंगी। अमेज़न वर्षावन के संरक्षण, पर्यावरण नीतियों और बड़े देशों के आपसी संबंधों पर भी इनका गहरा असर पड़ेगा।

इसी श्रेणी की और ख़बरें

सभी देखें →