यूपी भाजपा टिकट के लिए कामकाज का सर्वे होगा

उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी आगामी चुनावी तैयारियों को लेकर टिकट वितरण की रणनीति स्पष्ट करने में जुट गई है। पार्टी नेतृत्व इस बार जीत का ठोस फॉर्मूला तय करके ही उम्मीदवारों को टिकट देगा। इसके लिए स्थानीय संगठन से फीडबैक लिया जाएगा और हर सीट की जमीनी स्थिति का आकलन किया जाएगा। नेतृत्व का मानना है कि सही उम्मीदवार का चयन ही जीत की सबसे बड़ी गारंटी होता है।
इस प्रक्रिया के तहत मौजूदा विधायकों के कामकाज का सर्वे कराया जाएगा। सर्वे में यह देखा जाएगा कि विधायक अपने क्षेत्र में कितने सक्रिय रहे, जनता से उनका संपर्क कैसा रहा और विकास कार्यों की स्थिति क्या है। जिन विधायकों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया जाएगा, उनके टिकट पर संकट आ सकता है। वहीं अच्छे काम करने वालों को दोबारा मौका मिलने की संभावना मजबूत रहेगी।
पार्टी सूत्रों के अनुसार यही फीडबैक और सर्वे रिपोर्ट टिकट वितरण का आधार बनेगी। संगठन स्तर पर बैठकों का दौर शुरू हो चुका है और कार्यकर्ताओं से भी राय ली जा रही है। इस कदम से दावेदारों में हलचल तेज हो गई है और सभी अपने-अपने क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाने में जुट गए हैं। नेतृत्व का संदेश साफ है कि टिकट केवल कामकाज और जीत की संभावना के आधार पर मिलेगा।



