कोलकाता हादसे के बाद सियासी आरोप प्रत्यारोप तेज

कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की घटना के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा गई है। घटना को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। विपक्षी दलों ने पंडाल में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इतने बड़े आयोजन में भीड़ नियंत्रण की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी, जिसके कारण यह दुखद हादसा हुआ और कई श्रद्धालुओं की जान चली गई।
दूसरी ओर सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए राहत कार्यों और जांच का भरोसा दिया है। सरकार का कहना है कि घटना के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किए गए, घायलों को इलाज उपलब्ध कराया गया और मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन पीड़ित परिवारों की सहायता में जुटा है और जांच रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदारी तय की जाएगी।
इस बीच गृह मंत्री अमित शाह के कोलकाता दौरे से राजनीतिक हलचल और बढ़ गई है। सभी दलों की नजरें इस दौरे और उससे जुड़े बयानों पर टिकी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हादसे के बाद शुरू हुई यह बहस आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है, जबकि पीड़ित परिवार न्याय और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।



