विश्व रजोनिवृत्ति दिवस पर आयुष दिशा निर्देश जारी

विश्व रजोनिवृत्ति दिवस के अवसर पर 18 अक्टूबर को केंद्रीय आयुर्वेद विज्ञान अनुसंधान परिषद ने रजोनिवृत्ति से जुड़ी देखभाल के लिए मानकीकृत आयुष दिशा निर्देश जारी किए। इन दिशा निर्देशों का उद्देश्य इस अवस्था से गुजर रही महिलाओं को सुरक्षित और व्यवस्थित आयुर्वेदिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।
दिशा निर्देशों में शतावरी, अशोकारिष्ट और ब्राह्मी जैसी औषधियों के उपयोग के साथ हड्डियों के घनत्व को बनाए रखने और हृदय संबंधी जोखिमों को कम करने के उपायों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार इस दौर में हड्डियों की कमजोरी और हृदय जोखिम बढ़ जाते हैं, इसलिए समय पर देखभाल जरूरी है।
परिषद का कहना है कि मानकीकृत दिशा निर्देशों से चिकित्सकों को उपचार में एकरूपता लाने में मदद मिलेगी और महिलाओं को भरोसेमंद जा इससे महिलाओं में अपने स्नवास्काथ्रीय के प्रति जागरूकता बढ़ने की भी उम्मीद जताई गई है। मिलेगी। संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और समय-समय पर जांच को भी इन दिशा निर्देशों में अहम बताया गया है।



