छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की अपील

मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद की हालिया घटनाओं के बाद विशेषज्ञों ने छात्रों और युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की अपील की है। इन घटनाओं ने संस्थानों और परिवारों को सोचने पर मजबूर किया है कि युवा मन पर पड़ने वाले दबाव को समय रहते समझना कितना जरूरी है। परामर्शदाताओं का कहना है कि पढ़ाई, करियर या आर्थिक दबाव पर बात करना कमजोरी नहीं है। ऐसे समय में परिवार, शिक्षक या परामर्शदाता से तुरंत संपर्क करना चाहिए, ताकि मन की बात साझा की जा सके और सहायता मिल सके। विशेषज्ञों के अनुसार बातचीत से दबाव हल्का होता है और सही दिशा मिलती है। साथ ही संस्थानों में परामर्श सुविधाएं मजबूत करने की मांग भी उठी है, ताकि छात्रों को जरूरत पड़ने पर अपने ही परिसर में सहारा मिल सके। मानसिक स्वास्थ्य को गंभीरता से लेने की यह अपील छात्रों के हित में अहम मानी जा रही है। समय पर संवाद ही सबसे बड़ा सहारा है।



