ग्रामीण युवाओं को रोजगार प्रशिक्षण का लक्ष्य बढ़ाया गया

ग्रामीण युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने के लिए ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थानों को चालू वित्तीय वर्ष में 6.35 लाख युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य दिया गया है। यह लक्ष्य पिछले वर्ष से अधिक है और इसका उद्देश्य ग्रामीण उद्यमिता को मजबूत करना तथा टिकाऊ आजीविका के अवसर बढ़ाना है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं स्वरोजगार प्रशिक्षण अकादमी के साथ एक समझौता भी किया है, जिससे प्रशिक्षण के मानक एक समान रहेंगे। इस समझौते के तहत कौशल पंजी के माध्यम से पंजीकरण और आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति को मजबूत किया जाएगा। राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचे के अनुरूप नए जमाने के पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे और उद्योग मानकों के अनुसार प्रशिक्षण उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। उद्यमिता विकास कार्यक्रम, प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण और प्रमाणन भी एकीकृत पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण से ग्रामीण युवा सिर्फ नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी भी बन सकेंगे।



