अमेरिका ने चीन में तकनीकी निवेश पर प्रतिबंध का प्रस्ताव रखा

अमेरिकी वित्त विभाग ने चीन सहित अन्य विरोधी देशों में उच्च प्रौद्योगिकी निवेश पर अंकुश लगाने के लिए नए नियमों का प्रस्ताव रखा है। इस कदम से वैश्विक प्रौद्योगिकी प्रतिस्पर्धा में तनाव और बढ़ने के आसार हैं।
प्रस्तावित नियमों का उद्देश्य संवेदनशील तकनीकी क्षेत्रों में अमेरिकी पूंजी के प्रवाह को सीमित करना बताया गया है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से यह कदम जरूरी है।
चीन ने इस तरह के प्रतिबंधों का पहले भी विरोध किया है और इसे वैश्विक व्यापार के सिद्धांतों के खिलाफ बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन नियमों से अमेरिकी निवेशकों की विदेशी रणनीति पर असर पड़ेगा।
आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार अमेरिका और चीन के बीच तकनीकी मोर्चे पर चल रही प्रतिद्वंद्विता अब निवेश नीतियों तक पहुंच गई है, जिसका असर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर भी पड़ सकता है।
कुछ विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि ऐसे नियमों का असर अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियों के वैश्विक कारोबार पर पड़ सकता है। निवेशकों को आगामी नियमों की स्पष्टता का इंतजार है।



