मधुमेह आंख रोग के लिए एआई स्क्रीनिंग कार्यक्रम

मधुमेह से होने वाली दृष्टिहीनता को रोकने के लिए भारत ने पहला कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सामुदायिक स्क्रीनिंग कार्यक्रम शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य डायबिटिक रेटिनोपैथी की समय पर पहचान करके आंखों की रोशनी बचाना है।
यह कार्यक्रम सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा, एम्स के डॉ. राजेंद्र प्रसाद नेत्र विज्ञान केंद्र और स्वास्थ्य मंत्रालय की ई-हेल्थ एआई इकाई के संयुक्त सहयोग से चलाया जा रहा है। स्क्रीनिंग के लिए 'मधुनेत्रएआई' नामक वेब आधारित एआई उपकरण का उपयोग किया जाएगा।
प्रशिक्षित चिकित्सा अधिकारी, नर्सिंग कर्मी और स्वास्थ्य सहायक हैंडहेल्ड फंडस कैमरों से ली गई रेटिना की तस्वीरों की स्वचालित जांच, श्रेणीकरण और प्राथमिकता निर्धारण करेंगे। गंभीर मामलों को जिला अस्पतालों के विशेषज्ञों के पास भेजा जाएगा।
पायलट चरण में पुणे, मुंबई, बेंगलुरु, धर्मशाला, गया, जोरहाट और कोच्चि समेत सात स्थानों पर यह पहल लागू की जाएगी। इन केंद्रों के कर्मियों को एम्स में गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा और प्रणाली बीमारी के प्रसार का वास्तविक समय डेटा भी तैयार करेगी।



