अस्पतालों की दवा ओवरचार्जिंग पर केंद्र का सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा

देश के निजी अस्पतालों में इलाज के दौरान मरीजों से दवाओं और चिकित्सा सामानों पर अत्यधिक कीमत वसूलने के मुद्दे पर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया है। सरकार ने अदालत में स्वीकार किया कि अस्पतालों में यह कुप्रथा व्यापक रूप से मौजूद है।
रसायन और उर्वरक मंत्रालय ने शीर्ष अदालत को बताया कि सरकार इस गंभीर समस्या से पूरी तरह अवगत है और सभी संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श करके आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं ताकि मरीजों पर वित्तीय बोझ कम हो सके।
हलफनामे में खुलासा किया गया कि कैंसर रोधी दवाओं पर अस्पताल 170 से 700 प्रतिशत तक का मुनाफा मार्जिन वसूलते हैं। चिकित्सा उपभोग्य सामग्रियों पर भी 100 से 1000 प्रतिशत तक का भारी मार्जिन लिया जा रहा है। भर्ती मरीज की सौदेबाजी क्षमता बहुत कमजोर होने के कारण ऐसी कुप्रथाएं फलती-फूलती हैं।
सरकार ने बताया कि अब तक 935 अनुसूचित दवाओं की अधिकतम कीमतें और 3,881 नई दवाओं के खुदरा मूल्य तय किए जा चुके हैं। सभी दवाओं और चिकित्सा सामग्रियों की कीमतों पर सीमा तय करने की मांग वाली याचिका पर अदालत आगे सुनवाई करेगी।



