लद्दाख में परिषद सीटें बढ़कर सौ, जानें इसका मतलब

लेह। लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषदों के लिए एक सौ निर्वाचन क्षेत्रों की अधिसूचना जारी की है। इससे परिषदों की सदस्य संख्या लगभग दोगुनी हो जाएगी।
लद्दाख में लेह और कारगिल की स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषदें स्थानीय शासन की निर्वाचित संस्थाएं हैं, जो क्षेत्र के विकास कार्यों से जुड़े फैसले लेती हैं। सीटों की संख्या बढ़ने से दूर दराज के इलाकों को परिषद में बेहतर प्रतिनिधित्व मिलने की उम्मीद है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला लद्दाख में स्थानीय लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में अहम है। पहाड़ी और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस केंद्र शासित प्रदेश में छोटे निर्वाचन क्षेत्र जनप्रतिनिधियों को जनता के अधिक करीब लाते हैं।
यह कदम ऐसे समय में आया है जब लद्दाख के संवैधानिक संरक्षण और स्वायत्तता से जुड़े मुद्दों पर केंद्र के साथ वार्ता की प्रक्रिया भी चर्चा में है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि विस्तारित परिषदों के चुनाव कब कराए जाते हैं और नई व्यवस्था जमीनी स्तर पर कैसे काम करती है।



