महंगाई भत्ते की आस, अट्ठाईस अक्टूबर पर टिकी नजरें

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को जुलाई से देय महंगाई भत्ते की बढ़ोतरी का इंतजार लंबा होता जा रहा है। चौदह और इक्कीस अक्टूबर को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठकों में इस पर कोई घोषणा नहीं हुई, जिसके बाद अब सबकी नजरें अट्ठाईस अक्टूबर को होने वाली अगली बैठक पर टिकी हैं।
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत महंगाई भत्ता साल में दो बार संशोधित होता है। आखिरी बढ़ोतरी अप्रैल में घोषित हुई थी, जब भत्ता अट्ठावन से बढ़कर साठ प्रतिशत किया गया था और इसे एक जनवरी से प्रभावी माना गया था।
कर्मचारी संगठनों को उम्मीद थी कि दशहरा से पहले राहत मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सोलह अक्टूबर को सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए गैर-उत्पादकता आधारित बोनस की घोषणा जरूर की थी, पर महंगाई भत्ते पर चुप्पी बनी रही।
विशेषज्ञों का कहना है कि भत्ते की गणना अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर होती है। अगर अट्ठाईस अक्टूबर की बैठक में घोषणा होती है तो यह लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए दिवाली का तोहफा साबित हो सकती है।



