जेलों में कैदियों के स्वास्थ्य अधिकारों पर सर्वे रिपोर्ट जारी हुई

लखनऊ। जेलों में बंद कैदियों के स्वास्थ्य अधिकारों पर एक सर्वे रिपोर्ट जारी हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कई जेलों में चिकित्सकों की कमी, दवाओं की अनियमित आपूर्ति और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव है। रिपोर्ट तैयार करने वाले संगठन ने सुधार के सुझाव भी दिए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार जेलों में बंद लोगों को भी स्वास्थ्य सेवा का पूरा अधिकार है। संगठन ने मांग की है कि हर जेल में नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जाएं और महिला कैदियों के लिए विशेष चिकित्सा व्यवस्था हो। मानसिक स्वास्थ्य परामर्श की सुविधा भी जरूरी बताई गई है।
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि कैदी होना स्वास्थ्य के अधिकार को समाप्त नहीं करता। उन्होंने सरकार से रिपोर्ट के सुझावों को लागू करने की अपील की है। जेलों में स्वच्छता और पोषण की स्थिति पर भी ध्यान देने की जरूरत है।
संगठन का कहना है कि स्वस्थ कैदी ही समाज में लौटकर सकारात्मक जीवन जी सकता है। उन्होंने जेल सुधार को मानवाधिकार का अहम पहलू बताया है।



