हेलमेट की अनदेखी बढ़ा रही सड़क हादसे, विशेषज्ञों की राय

दोपहिया वाहन हादसों में होने वाली मौतों का एक बड़ा कारण हेलमेट न पहनना है। आंकड़े बताते हैं कि सिर में चोट लगने से होने वाली मौतों में हेलमेट बड़ा अंतर पैदा कर सकता है। इसके बावजूद शहरों से लेकर गांवों तक बड़ी संख्या में लोग बिना हेलमेट के वाहन चलाते नजर आते हैं। पीछे बैठने वाले यात्रियों में तो हेलमेट की आदत लगभग न के बराबर है।
यातायात विशेषज्ञों का कहना है कि समस्या केवल चालान से नहीं सुलझेगी। लोगों में यह धारणा है कि हेलमेट असुविधाजनक है, जबकि सही आकार का हल्का हेलमेट पहनना आसान है। स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम, कार्यालयों में हेलमेट अनिवार्यता और परिवारों का दबाव — ये सभी मिलकर आदत बदल सकते हैं।
पुलिस का कहना है कि हेलमेट न पहनने पर जुर्माने के साथ-साथ लाइसेंस निलंबन का भी प्रावधान है। सड़क सुरक्षा सप्ताह जैसे अभियानों के दौरान जांच बढ़ाई जाती है, लेकिन जरूरत है कि यह आदत रोजमर्रा की बने। विशेषज्ञों की सलाह है कि हेलमेट खरीदते समय आईएसआई मार्क जरूर देखें, क्योंकि नकली हेलमेट हादसे में कोई सुरक्षा नहीं देता।



