राष्ट्रीय पुस्तक मेले में युवा पाठकों की भागीदारी बढ़ी

राष्ट्रीय पुस्तक मेले में इस बार युवा पाठकों की भागीदारी उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। मेले में विभिन्न भाषाओं की पुस्तकों के स्टॉल लगे हैं, जहां साहित्य, विज्ञान, इतिहास और कला से जुड़ी पुस्तकें उपलब्ध हैं। युवा पाठक न केवल पुस्तकें खरीद रहे हैं, बल्कि लेखकों से संवाद के सत्रों में भी सक्रिय भाग ले रहे हैं। आयोजकों ने विद्यार्थियों के लिए विशेष छूट और पुस्तकालय सदस्यता की सुविधा भी रखी है। मेले में कहानी वाचन, कविता पाठ और परिचर्चा जैसे कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं, जिनमें नई पीढ़ी की रुचि साफ दिखाई दे रही है। पुस्तक विक्रेताओं का कहना है कि डिजिटल युग में भी छपी हुई पुस्तकों के प्रति युवाओं का लगाव बना हुआ है। मेले में बच्चों के लिए अलग कोना बनाया गया है, जहां चित्र पुस्तकें और शैक्षिक सामग्री उपलब्ध है। आयोजकों को उम्मीद है कि इस तरह के आयोजन पढ़ने की संस्कृति को और मजबूत करेंगे। मेले में प्रकाशकों ने नई पुस्तकों का विमोचन भी किया है, जिससे पाठकों को ताजा साहित्य पढ़ने का अवसर मिला है और लेखकों तथा पाठकों के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ है।



