प्रदेश में महिला स्वयं सहायता समूहों को मिला नया बाजार

प्रदेश में महिला स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों के लिए नया बाजार मिला है। इन समूहों की महिलाएं हाथ से बने उत्पाद, अचार, पापड़ और हस्तशिल्प की वस्तुएं तैयार करती हैं। अब इन उत्पादों की बिक्री के लिए मेलों और प्रदर्शनियों के साथ-साथ स्थानीय बाजारों में भी स्थान उपलब्ध कराया जा रहा है। समूहों से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि नए बाजार मिलने से उनकी आमदनी बढ़ी है और परिवार में उनकी भूमिका और मजबूत हुई है। उत्पादों की गुणवत्ता और पैकेजिंग को बेहतर बनाने के लिए प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। कई समूहों ने अपने उत्पादों की बिक्री के लिए आपसी सहयोग से व्यवस्था बनाई है। स्थानीय प्रशासन और सामाजिक संगठनों ने भी इन समूहों को प्रोत्साहन दिया है। इस पहल से ग्रामीण महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में सकारात्मक कदम उठा है। समूहों की महिलाओं ने बताया है कि बाजार मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अब अपने उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने के लिए नए-नए प्रयोग भी कर रही हैं।



