ऑनलाइन धोखाधड़ी की पहचान के लिए नागरिकों को प्रशिक्षण दिया

ऑनलाइन धोखाधड़ी के नए-नए तरीकों से नागरिकों को सावधान करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में प्रतिभागियों को बताया जा रहा है कि फर्जी वेबसाइट, नकली एप और भ्रामक विज्ञापनों की पहचान कैसे की जाए। प्रशिक्षकों का कहना है कि ठग अक्सर आकर्षक ऑफर, सस्ते सामान या नौकरी के झूठे वादों के जरिए लोगों को फंसाते हैं। इसलिए किसी भी लिंक पर क्लिक करने या भुगतान करने से पहले उसकी सत्यता जांचना बेहद जरूरी है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सुरक्षित पासवर्ड बनाने, दोहरी सुरक्षा व्यवस्था अपनाने और अपनी निजी जानकारी साझा न करने के उपाय बताए गए। साथ ही, ठगी का शिकार होने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी समझाई गई। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने कहा कि इस तरह की जानकारी पहले उन्हें नहीं थी और अब वे स्वयं भी दूसरों को जागरूक करेंगे। आयोजकों के अनुसार इस प्रशिक्षण का उद्देश्य नागरिकों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रखना है। आने वाले दिनों में यह कार्यक्रम और भी इलाकों में आयोजित किया जाएगा।



