बदलते मौसम में बुजुर्गों के लिए सांस संबंधी सावधानी जरूरी

मौसम बदलने के साथ ही बुजुर्गों के लिए सांस संबंधी सावधानी बरतना और भी जरूरी हो गया है। सुबह और शाम की ठंडक बढ़ने से गले में खराश, खांसी और सांस फूलने जैसी परेशानियां बढ़ सकती हैं, इसलिए बुजुर्गों को अपने खानपान और दिनचर्या पर ध्यान देना चाहिए। चिकित्सकों का सामान्य सुझाव है कि ठंडी हवा से बचने के लिए सुबह की सैर थोड़ी देर से और हल्की धूप में करनी चाहिए। घर के अंदर भी हल्का व्यायाम और गहरी सांस लेने का अभ्यास लाभकारी माना जाता है। बुजुर्गों को पर्याप्त मात्रा में गुनगुना पानी पीने और धूल-धुएं वाली जगहों से दूर रहने की सलाह दी जाती है। परिवार के सदस्यों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है कि वे बुजुर्गों की दवाओं और जांच का ध्यान रखें। अगर खांसी या सांस की तकलीफ लंबे समय तक बनी रहे, तो बिना देर किए चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए। सर्दी के मौसम में ऊनी कपड़े पहनना और सिर-कान को ढककर रखना भी मददगार होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर बुजुर्ग बदलते मौसम में भी स्वस्थ रह सकते हैं और अपनी दिनचर्या सामान्य रूप से जारी रख सकते हैं।



