बच्चों में मोबाइल आदत घटाने पर अभिभावकों का जोर बढ़ा

बच्चों में मोबाइल देखने की आदत घटाने पर अभिभावकों का जोर अब पहले से अधिक बढ़ गया है। कई परिवारों में भोजन के समय और सोने से पहले मोबाइल से दूरी रखने के नियम बनाए गए हैं, ताकि बच्चों की दिनचर्या संतुलित रह सके। अभिभावकों का कहना है कि लंबे समय तक स्क्रीन देखने से बच्चों की आंखों पर असर पड़ता है और उनकी पढ़ाई में भी ध्यान कम होता है। इसलिए अब बच्चों को मैदान में खेलने, किताबें पढ़ने और रचनात्मक गतिविधियों में लगाने पर जोर दिया जा रहा है। विद्यालयों में भी शिक्षक बच्चों को बाहरी खेलों के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं और अभिभावकों के साथ इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों को मोबाइल से पूरी तरह दूर करना संभव नहीं है, लेकिन उसके उपयोग का समय तय करना जरूरी है। पढ़ाई और मनोरंजन के लिए मोबाइल का संतुलित उपयोग ही सही तरीका है। कई परिवारों ने सप्ताहांत में बिना स्क्रीन वाले समय की शुरुआत की है, जिसमें सभी सदस्य एक साथ खेलते हैं या बातचीत करते हैं। बच्चों को भी धीरे-धीरे यह समझ आ रहा है कि बाहर खेलने और दोस्तों से मिलने में अलग ही आनंद है, जो स्क्रीन पर नहीं मिलता।



