Monday, 26 October 2026  |  लखनऊ, उत्तर प्रदेश
● LIVE — ताज़ा अपडेट  |  lokayatdarpan.in
लोकायत दर्पण
Lokayat Darpan · Hindi News Portal · Lucknow, India
सत्य • निष्पक्ष • जनहित
ताज़ा ख़बरें, हर पल
राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और उत्तर प्रदेश की हर बड़ी ख़बर
ब्रेकिंग न्यूज़
केन्या में बस ट्रक टक्कर में बाईस लोगों की मौत हुई●ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव आज, लूला और बोल्सोनारो पुत्र में टक्कर●ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी, हमले पर कड़ा जवाब देगा●हूती हमलों के बाद एयर इंडिया ने सऊदी उड़ानें अस्थायी रोकीं●कृषि एआई और ग्रामीण कनेक्टिविटी पर मंथन हुआ संपन्न●ग्रामीण युवाओं को रोजगार प्रशिक्षण का लक्ष्य बढ़ाया गया●देश में इंटरनेट उपयोगकर्ता एक अरब ग्यारह करोड़ पार●ग्रामीण डिजिटल पुस्तकालयों से युवाओं को मिली नई राह●केन्या में बस ट्रक टक्कर में बाईस लोगों की मौत हुई●ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव आज, लूला और बोल्सोनारो पुत्र में टक्कर●ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी, हमले पर कड़ा जवाब देगा●हूती हमलों के बाद एयर इंडिया ने सऊदी उड़ानें अस्थायी रोकीं●कृषि एआई और ग्रामीण कनेक्टिविटी पर मंथन हुआ संपन्न●ग्रामीण युवाओं को रोजगार प्रशिक्षण का लक्ष्य बढ़ाया गया●देश में इंटरनेट उपयोगकर्ता एक अरब ग्यारह करोड़ पार●ग्रामीण डिजिटल पुस्तकालयों से युवाओं को मिली नई राह
व्यापार

कच्चे तेल की तेजी से शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज

25 October 2026, 11:37 am  |  लोकायत दर्पण

भारतीय शेयर बाजार के लिए बीता सप्ताह मुश्किल भरा रहा, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। ब्रेंट क्रूड का भाव एक सप्ताह में करीब सात प्रतिशत बढ़कर 116 डॉलर के आसपास पहुंच गया, जिससे महंगाई और आयात बिल को लेकर आशंका गहरा गई। इसी दबाव में तीस शेयरों वाला सेंसेक्स 1605 अंक यानी 2.15 प्रतिशत टूट गया, जबकि पचास शेयरों वाला निफ्टी 546 अंक यानी 2.36 प्रतिशत नीचे आ गया। विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली भी अक्टूबर में करीब 51 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जिसने बाजार की धारणा को और कमजोर कर दिया। छोटे और मझोले शेयरों में गिरावट बड़ी कंपनियों से भी ज्यादा रही, जिससे आम निवेशकों के पोर्टफोलियो पर सीधा असर पड़ा। आने वाले सप्ताह में अमेरिकी केंद्रीय बैंक की बैठक, कंपनियों के तिमाही नतीजे और पश्चिम एशिया के हालात बाजार की दिशा तय करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक कच्चे तेल में स्थिरता नहीं आती, तब तक निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए और जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए।

इसी श्रेणी की और ख़बरें

सभी देखें →