दिल्ली प्रदर्शनकारियों की हिरासत पर संयुक्त राष्ट्र ने चिंता जताई

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय ने भारत की राजधानी नई दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों, नागरिक समाज संगठनों के सदस्यों, वकीलों और पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने की खबरों पर चिंता व्यक्त की है। कार्यालय ने उन्हें बिना शर्त रिहा किए जाने की मांग की है। जिनीवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय के प्रवक्ता ने प्रशासनिक एजेंसियों से शांतिपूर्ण सभा के अधिकार का पूर्ण रूप से सम्मान करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर आवश्यकता और आनुपातिकता के आधार पर ही पाबंदियों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। समाचार माध्यमों के अनुसार युवा कार्यकर्ताओं के एक समूह ने वोटर लिस्ट तैयार करने की प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। प्रदर्शनों से पहले ही राजधानी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई थी और इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आईं। संयुक्त राष्ट्र कार्यालय ने विरोध प्रदर्शन कर रहे सभी लोगों को बिना किसी शर्त के तत्काल रिहा किए जाने का अनुरोध किया है और उनकी चिंताओं के निवारण के लिए सार्थक संवाद को आगे बढ़ाने का आग्रह किया है। प्रवक्ता ने कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों को शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के साथ अधिकतम संयम का परिचय देना चाहिए, जो देश की लोकतांत्रिक परंपरा और मानवाधिकार दायित्वों के अनुरूप हो।



