एक बार इस्तेमाल होने वाले उपकरणों के दोबारा प्रयोग पर रोक

केंद्र सरकार के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने देश के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में एक बार इस्तेमाल होने वाले चिकित्सा उपकरणों के दोबारा प्रयोग पर रोक लगा दी है। 16 अक्टूबर को जारी निर्देश में कहा गया है कि हृदय, गुर्दा, कैंसर, हृदय-वक्ष और तंत्रिका शल्य चिकित्सा में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरणों को साफ करके दोबारा इस्तेमाल किया जा रहा था, जो मरीजों की सुरक्षा के लिए खतरनाक है। अधिकारियों के अनुसार ऐसे उपकरण एक बार के इस्तेमाल के लिए ही बनाए जाते हैं और दोबारा साफ करने पर उनकी गुणवत्ता, मजबूती और संक्रमण से बचाव की क्षमता कम हो जाती है। कुछ मामलों में मरीजों या सरकारी एजेंसियों से पूरा शुल्क वसूलने के बावजूद उपकरण दोबारा इस्तेमाल किए जाने की शिकायत भी मिली थी। चिकित्सा उपकरण उद्योग के संगठन ने इस फैसले का स्वागत किया है, लेकिन कई डॉक्टरों ने इलाज की लागत बढ़ने की आशंका जताई है। डॉक्टरों का कहना है कि महंगे उपकरणों के घरेलू उत्पादन, पारदर्शी बिलिंग और बीमा कवर बढ़ाने से ही मरीजों पर बोझ कम होगा।



