कैंसर दवाओं पर मार्जिन सीमा से मरीजों को बड़ी राहत

कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की कीमतों पर नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण ने 137 गैर-अनुसूचित कैंसर दवाओं पर 30 प्रतिशत की व्यापार मार्जिन सीमा लगा दी है। यह फैसला 17 अक्टूबर को लागू हुआ और इससे दवाओं की अधिकतम खुदरा कीमतों में 70 प्रतिशत तक की कमी आने का अनुमान है। अधिकारियों के अनुसार इस कदम से मरीजों को हर साल करीब 2,500 करोड़ रुपये की बचत हो सकती है। इससे पहले 2019 में सिर्फ 42 कैंसर दवाओं पर ऐसी सीमा लगाई गई थी, जिससे करीब 984 करोड़ रुपये की बचत हुई थी। यह फैसला उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के बाद आया, जहां एक जनहित याचिका में दवाओं की असमान कीमतों का मुद्दा उठाया गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि कैंसर का इलाज कई परिवारों के लिए आर्थिक बोझ बन जाता है और कई मरीज महंगाई के कारण इलाज बीच में छोड़ देते हैं। अब कीमतों में कमी से इलाज की निरंतरता बढ़ेगी और गरीब तथा मध्यम वर्ग के मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा।



