मतदाता सूची पुनरीक्षण पर सुप्रीम कोर्ट में आज महत्वपूर्ण सुनवाई हुई

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। चुनाव आयोग ने अदालत में जवाब देते हुए कहा कि पुनरीक्षण से जुड़े सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं और फॉर्म-छह में कोई बदलाव नहीं किया गया है। विपक्षी दलों की ओर से इस प्रक्रिया को चुनौती दी गई है, जिसमें तेरह विपक्षी नेताओं की याचिका भी शामिल है। याचिकाकर्ताओं ने डेटा ऑडिट और पुनरीक्षण पर रोक की मांग उठाई है। उनका कहना है कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर कटौती की आशंका है, जिससे कई पात्र मतदाताओं के नाम छूट सकते हैं। चुनाव आयोग का पक्ष है कि सूची को शुद्ध और अद्यतन बनाने के लिए यह प्रक्रिया जरूरी है और इसमें किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा है। महाराष्ट्र से जुड़े मामले में भी सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और प्रक्रिया की पारदर्शिता पर जोर दिया। यह मामला इसलिए भी अहम है, क्योंकि मतदाता सूची चुनाव की निष्पक्षता की बुनियाद मानी जाती है। अब सबकी नजर अदालत के अगले आदेश पर टिकी है, जिससे इस प्रक्रिया की दिशा तय होगी।



