बदलते मौसम में वायरल बुखार से बचाव के लिए सतर्कता जरूरी

मौसम में बदलाव के साथ वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम और खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। दिन में तेज धूप और सुबह-शाम ठंड के कारण लोग मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की भीड़ देखी जा रही है, जिनमें बड़ी संख्या वायरल बुखार से पीड़ित लोगों की है। इसके साथ ही डेंगू के कुछ मामले भी सामने आए हैं, हालांकि उपचार के बाद मरीजों को घर भेज दिया गया है। चिकित्सकों का कहना है कि बदलते मौसम में सुबह-शाम ठंड से बचें और स्वच्छ पानी पिएं। खांसी या छींक आने पर मुंह और नाक ढकें तथा हाथों की सफाई का ध्यान रखें। डेंगू से बचाव के लिए घर और आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर, गमलों और अन्य बर्तनों का पानी नियमित रूप से बदलें और मच्छरदानी का प्रयोग करें। तेज बुखार, लगातार उल्टी, पेट में तेज दर्द या अत्यधिक कमजोरी होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं न लें। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जांच और सही उपचार से गंभीर जटिलताओं का खतरा कम किया जा सकता है। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कम होती है।



