सूडान में अकाल का खतरा, करोड़ों लोग भोजन को तरसे

सूडान में अकाल का खतरा गहराता जा रहा है और अमेरिका सहित कई देशों ने इस पर गंभीर चिंता जताई है। अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, यूरोपीय सरकारों और यूरोपीय आयोग के संयुक्त बयान में कहा गया है कि देश की 41 प्रतिशत आबादी, यानी लगभग एक करोड़ 95 लाख लोग गंभीर खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। इनमें से करीब पचास लाख लोग आपातकालीन स्थितियों से जूझ रहे हैं। बयान में चेतावनी दी गई है कि अगर आने वाले महीनों में जरूरतमंद समुदायों तक अंतरराष्ट्रीय सहायता नहीं पहुँची, तो स्थिति और खराब हो सकती है। गंभीर कुपोषण से जूझ रहे बच्चों की संख्या आठ लाख 25 हजार के अनुमान को भी पार कर सकती है। साथ ही गंभीर खाद्य असुरक्षा वाले इलाकों की संख्या शुरुआती अनुमान चौदह से दोगुनी हो सकती है। बयान में सूडान में चल रहे सशस्त्र संघर्ष को खाद्य संकट का मुख्य कारण बताया गया है। संघर्ष के कारण लाखों लोग विस्थापित हुए हैं, जरूरी बुनियादी ढाँचा नष्ट हुआ है और स्वास्थ्य सेवा, कृषि उत्पादन, खाद्य वितरण नेटवर्क तथा स्थानीय बाजारों पर बुरा असर पड़ा है। मानवीय सहायता पर लगी पाबंदियों और कम बारिश ने हालात को और गंभीर बना दिया है।



