यूरोपीय यूनियन का चीन को बड़ा झटका, सस्ते सामानों पर लगाई 3 यूरो की एक समान कस्टम ड्यूटी

यूरोपीय यूनियन (ईयू) ने सस्ते आयातित सामानों पर नई कस्टम ड्यूटी लगाकर चीन समेत अन्य देशों को बड़ा झटका दिया है। अब 150 यूरो तक के कम मूल्य वाले सामानों पर पहले मिलने वाली ड्यूटी छूट खत्म कर दी गई है।

ईयू की पब्लिक रेवेन्यू अथॉरिटी (एएडीई) के अनुसार, अगले बुधवार से ग्रीस और पूरे यूरोपीय संघ में बी2सी (बिजनेस टू कंज्यूमर) ऑनलाइन खरीदारी पर हर डिक्लेरेशन लाइन के लिए 3 यूरो की एक समान कस्टम ड्यूटी लगाई जाएगी।

इस फैसले का असर

यह नया नियम मुख्य रूप से चीन से आने वाले सस्ते उत्पादों पर निशाना साधता है। कई यूरोपीय ग्राहक पहले से ही इसकी मार झेल रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, 6 यूरो के छोटे ऑर्डर पर अब 9 यूरो तक अतिरिक्त शुल्क लग सकता है, जिससे कुल खर्च 15 यूरो तक पहुंच जाता है। नतीजतन, कई ग्राहक अपनी खरीदारी रद्द कर रहे हैं। यह कदम ईयू द्वारा आयात को संतुलित करने, बाजार में निष्पक्षता लाने और टैक्स चोरी को रोकने की बड़ी कोशिश का हिस्सा है।

कब तक रहेगा यह नियम?

यह विशेष ड्यूटी अस्थायी है और 1 जुलाई 2028 तक लागू रहेगी। इसके बाद सभी ई-कॉमर्स सामानों पर स्टैंडर्ड टैरिफ रेट के अनुसार शुल्क लगाया जाएगा।

महत्वपूर्ण बातें

– 1 जुलाई के बाद कस्टम्स से गुजरने वाले किसी भी पार्सल पर यह शुल्क लागू होगा।
– कूरियर कंपनियां अतिरिक्त शुल्क की राशि अंतिम उपभोक्ता से वसूल सकती हैं।
– हर पार्सल को अलग शिपमेंट माना जाएगा।
– गलत घोषणा रोकने के लिए प्रोडक्ट आइडेंटिफायर (PID) कोड शुरू किए जा रहे हैं, जिससे सामान की ट्रेसिबिलिटी आसान होगी।

यूरोपीय अधिकारियों ने साफ किया है कि ड्यूटी चुकाने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से प्लेटफॉर्म, विक्रेता या कस्टम प्रतिनिधि की होगी। यह फैसला यूरोपीय बाजार में सस्ते चीनी सामानों के बाढ़ जैसे प्रभाव को कम करने और स्थानीय व्यापार को संरक्षण देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। (इनपुट-एजेंसी)