पद्मश्री चेरुवयल रमन का 74 वर्ष की आयु में निधन

वायनाड। केरल के वायनाड के रहने वाले पद्मश्री चेरुवयल रमन का 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे धान की 45 पारंपरिक किस्मों के संरक्षण के लिए देशभर में जाने जाते थे। उन्होंने अपने खेतों में दुर्लभ देसी बीजों को सहेजकर जैव विविधता की मिसाल पेश की। किसान और शोधकर्ता उनसे बीज संरक्षण की तकनीक सीखने आते थे। उनके प्रयासों से यह संदेश गया कि पारंपरिक किस्में जलवायु बदलाव के दौर में भी खेती के लिए अहम हैं। कृषि जगत और पर्यावरण प्रेमियों ने उनके निधन पर गहरा शोक जताया है। लोगों का कहना है कि उनका काम आने वाली पीढ़ियों को बीज बचाने की प्रेरणा देता रहेगा। वायनाड क्षेत्र में उन्हें किसान वैज्ञानिक के रूप में सम्मान मिला था।



