रेल कर्मचारियों को 78 दिनों के बोनस की कैबिनेट मंजूरी मिली

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रेलवे के करीब 11.40 लाख गैर-राजपत्रित कर्मचारियों के लिए 78 दिनों के वेतन के बराबर उत्पादकता संबद्ध बोनस स्वीकृत कर दिया है। इस फैसले से देशभर के रेल कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। बोनस की यह मंजूरी कर्मचारियों के काम और उत्पादकता से जोड़कर दी जाने वाली व्यवस्था के तहत मिली है। भारतीय रेलवे देश के सबसे बड़े नियोक्ताओं में से एक है और इसके कर्मचारी दिन-रात यात्री और माल परिवहन की व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। त्योहारी समय के आसपास ऐसे फैसले कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए आर्थिक राहत लेकर आते हैं। रेलवे कर्मचारियों की लंबे समय से इस बोनस को लेकर अपेक्षा बनी हुई थी, जिस पर अब कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। करीब 11.40 लाख कर्मचारियों तक लाभ पहुंचने से यह फैसला व्यापक असर वाला माना जा रहा है। गैर-राजपत्रित श्रेणी के कर्मचारी रेल संचालन की रीढ़ माने जाते हैं, जिनमें ट्रैक, स्टेशन, रखरखाव और संचालन से जुड़ा अमला शामिल रहता है। मंजूरी के बाद अब संबंधित प्रक्रिया के तहत कर्मचारियों को बोनस की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। कर्मचारी संगठनों और कर्मचारियों के बीच इस निर्णय को उनके परिश्रम की पहचान के रूप में देखा जा रहा है।



