उड़ान के दस वर्षों की उपलब्धियों की पड़ताल

क्षेत्रीय हवाई संपर्क बढ़ाने के लिए शुरू हुई उड़ान योजना के दस वर्ष पूरे होने पर इसकी उपलब्धियों की पड़ताल की गई है। विशेष रिपोर्ट के मुताबिक इस योजना ने छोटे शहरों को देश के हवाई मानचित्र पर ला खड़ा किया है, जहां पहले हवाई सेवा की कल्पना भी कठिन थी।
आंकड़ों के अनुसार योजना के तहत छह सौ सत्तासी मार्गों और पिचानवे हवाई अड्डों के जरिए अब तक एक करोड़ बहत्तर लाख यात्री सफर का लाभ उठा चुके हैं। इससे छोटे शहरों के लोगों के लिए बड़े शहरों तक पहुंच आसान हुई है।
अगले चरण के लिए अट्ठाईस हजार आठ सौ चालीस करोड़ रुपये के प्रावधान ने उम्मीदें और बढ़ा दी हैं। माना जा रहा है कि इससे नए मार्ग खुलेंगे और क्षेत्रीय हवाई अड्डों का विस्तार होगा।
चुनौतियां अपनी जगह हैं, फिर भी उड़ान को क्षेत्रीय संपर्क की सबसे बड़ी पहल माना जाता है। विशेषज्ञों की राय है कि योजना की निरंतरता ही इसके दीर्घकालीन असर की कुंजी होगी।



