उड़ान योजना के दस साल सैकड़ों मार्ग जुड़े

क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना उड़ान को दस वर्ष पूरे हो गए हैं। यह योजना इक्कीस अक्टूबर दो हजार सोलह को शुरू हुई थी और इसका उद्देश्य देश के छोटे शहरों को हवाई मार्ग से जोड़ना रहा है। दस वर्षों की इस यात्रा में योजना के तहत हवाई संपर्क का उल्लेखनीय विस्तार हुआ है और कई नए गंतव्य हवाई मानचित्र पर आए हैं।
अब तक इस योजना के अंतर्गत छह सौ सत्तासी मार्गों और पचानवे हवाई अड्डों पर संचालन हो चुका है। इनमें सत्रह हेलीपोर्ट और दो वाटर एयरोड्रोम भी शामिल हैं। विविध भौगोलिक क्षेत्रों तक हवाई सेवा पहुंचाने में इन केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जिससे दूरदराज के इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर हुई है।
योजना के तहत अब तक तीन लाख अड़सठ हजार से अधिक उड़ानों के माध्यम से एक करोड़ बहत्तर लाख से अधिक यात्री यात्रा कर चुके हैं। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि क्षेत्रीय हवाई यात्रा को यात्रियों का व्यापक समर्थन मिला है। छोटे शहरों के यात्रियों के लिए हवाई यात्रा पहले की तुलना में सुलभ हुई है।
योजना के अगले चरण के लिए अट्ठाईस हजार आठ सौ चालीस करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस राशि से हवाई संपर्क के विस्तार और संबंधित ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में कार्य होगा। आने वाले समय में योजना के माध्यम से और अधिक क्षेत्रों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने की संभावना जताई जा रही है।



