छत्तीसगढ़ के रावघाट को आज़ादी बाद पहली ट्रेन मिली

छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र स्थित रावघाट को आजादी के बाद पहली बार रेल संपर्क मिला है। उत्तर बस्तर कांकेर जिले के इस क्षेत्र में ट्रेन का पहुंचना स्थानीय विकास और आवागमन की दृष्टि से ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। दशकों से रेल सुविधा का इंतजार कर रहे क्षेत्रवासियों के लिए यह विकास यात्रा की नई शुरुआत के समान है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रावघाट-रायपुर तथा रायपुर-कुरुड यात्री ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। दोनों ट्रेनों के शुरू होने से क्षेत्र के लोगों को राजधानी और अन्य शहरों तक पहुंचने में सुविधा होगी। अब तक सड़क मार्ग पर निर्भर यात्रियों को इससे काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
बस्तर क्षेत्र अपने घने वनों और जनजातीय आबादी के लिए जाना जाता है, जहां परिवहन सुविधाओं का विस्तार लंबे समय से मांग रहा है। रेल संपर्क शुरू होने से शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार जैसी सुविधाओं तक पहुंच आसान होने की संभावना है। स्थानीय उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में भी रेल मार्ग सहायक सिद्ध हो सकता है।
रावघाट तक ट्रेन पहुंचने को क्षेत्रीय संतुलन और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यात्री सेवाओं के नियमित संचालन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। अब यह देखा जाएगा कि आने वाले समय में क्षेत्र में रेल सुविधाओं का और विस्तार किस प्रकार होता है।



