दिवाली बाजार महिला उद्यमियों पर विशेष रिपोर्ट

लखनऊ के दिवाली हुनर मेले के बहाने विशेष रिपोर्ट में महिला उद्यमियों और हस्तशिल्पियों के संघर्ष और सफलता की पड़ताल की गई है। मेले में सजी दुकानों पर महिलाओं के बनाए उत्पाद ग्राहकों को खूब भा रहे हैं। घरेलू जिम्मेदारियों के बीच हुनर को आजीविका बनाने की उनकी कोशिशें प्रेरणादायक हैं।
रिपोर्ट बताती है कि सौ से अधिक महिलाओं को रोजगार देने वाले केंद्रों से लेकर भदोही की कालीन और बनारसी साड़ी तक, स्थानीय शिल्प की लंबी शृंखला मेले में दिखाई देती है। प्रशिक्षण और संगठन से जुड़कर कई महिलाएं पहली बार अपने उत्पाद सीधे बाजार तक ला पाई हैं।
त्योहारी बाजार कैसे स्थानीय हुनर को नई पहचान दे रहा है, यह रिपोर्ट बताती है। सीधी बिक्री से बिचौलियों पर निर्भरता घटती है और कारीगरों को उचित दाम मिलता है। आयोजकों का कहना है कि ऐसे मंचों से महिला उद्यमियों का आत्मविश्वास और बढ़ेगा। मेले में युवाओं और परिवारों की भागीदारी भी उत्साहजनक रही।



