फिल्म उद्योग क्यों बन रहा है धमकियों का आसान निशाना

मुंबई। अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर अठारह अक्टूबर को जुहू में हुई फायरिंग की घटना ने फिल्म उद्योग की सुरक्षा को लेकर बहस तेज कर दी है। हमलावरों ने उनकी कार पर सात राउंड फायर किए, जिनमें से पांच कार को लगे। अभिनेता बाल बाल बचे, जबकि उनके चालक और एक अन्य व्यक्ति घायल हुए।
यह कोई अकेली घटना नहीं है। इससे पहले अभिनेता सलमान खान और फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी को भी धमकियां मिलने की खबरें आई थीं। अभिनेता मनोज बाजपेयी ने इस सप्ताह कहा कि फिल्म उद्योग हमेशा से आसान निशाना रहा है और ऐसी घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर भरोसा जताया।
मुंबई क्राइम ब्रांच ने इस मामले में अब तक दस से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है और जांच में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने हमले से पहले होटल के कमरे में हथियार की जांच भी की थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि सितारों की सार्वजनिक जीवनशैली, सोशल मीडिया पर उनकी हर गतिविधि की जानकारी और संगठित गिरोहों की पहुंच ने चुनौती बढ़ा दी है। उद्योग जगत अब सुरक्षा को लेकर अधिक सजग हो रहा है और आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है।



