भारत का कॉयर निर्यात बढ़कर 6614 करोड़ रुपये तक पहुंचा

नई दिल्ली। भारत के कॉयर यानी नारियल रेशा उद्योग के लिए अच्छी खबर सामने आई है। सरकारी जानकारी के अनुसार कॉयर निर्यात 2014-15 में 1630 करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 2025-26 में 6614 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह वृद्धि करीब चार गुना है और इससे तटीय क्षेत्रों के कारीगरों और छोटे उद्यमों को लाभ मिला है। कॉयर से बने उत्पाद पर्यावरण के अनुकूल माने जाते हैं, इसलिए विदेशी बाजारों में उनकी मांग लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि मूल्यवर्धित उत्पादों, बेहतर पैकेजिंग और नए बाजारों तक पहुंच से निर्यात को और रफ्तार मिल सकती है। सरकार की ओर से इस क्षेत्र में प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने की बात भी कही गई है। इस उपलब्धि को ग्रामीण रोजगार और महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए भी सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।



