शिल्पकारों की आजीविका को मेले से मिला मंच

गुवाहाटी में शिल्प समागम मेले की शुरुआत होने से कारीगरों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिला है। इस आयोजन में अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्ग, सफाई मित्र और विमुक्त जनजाति समुदायों से जुड़े शिल्पकार भाग ले रहे हैं और अपने हुनर को लोगों के सामने रख रहे हैं।
मेले में कुल पचहत्तर शिल्पकार शामिल हुए हैं, जिनमें इकतीस महिलाएं भी हैं। इन कारीगरों के लिए यह मंच अपने उत्पादों को सीधे बाजार से जोड़ने का माध्यम बन रहा है, जिससे उनकी आजीविका को सहारा मिलने की उम्मीद है।
वंचित समुदायों की आजीविका और गरिमा से जुड़ा यह आयोजन सामाजिक न्याय की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे मेलों से कारीगरों को पहचान के साथ-साथ अपने काम को आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है।
मेले के माध्यम से शिल्पकारों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचने की सुविधा मिलने की संभावना है। इससे उनके उत्पादों को बेहतर मंच मिलेगा और पारंपरिक शिल्प को भी प्रोत्साहन मिलेगा।



