क्वांटम सुरक्षा में भारत के कदम पर विशेष विश्लेषण

भारत क्वांटम सुरक्षित संचार नेटवर्क की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा रहा है। करीब 150 करोड़ रुपये के करार के साथ इस परियोजना को रफ्तार मिली है। इस विशेष विश्लेषण में समझने की कोशिश की गई है कि भविष्य के साइबर खतरों के बीच क्वांटम तकनीक बैंकिंग, रक्षा और सरकारी संचार को कैसे सुरक्षित बनाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि क्वांटम कंप्यूटरों के आने से मौजूदा एन्क्रिप्शन प्रणालियां कमजोर पड़ सकती हैं, इसलिए समय रहते क्वांटम सुरक्षा अपनाना जरूरी है। क्वांटम संचार में डेटा को ऐसे तरीके से भेजा जाता है कि किसी भी छेड़छाड़ का तुरंत पता चल जाता है। इससे संवेदनशील सूचनाओं की चोरी लगभग असंभव हो जाती है। रक्षा और बैंकिंग जैसे क्षेत्रों में सुरक्षित संचार राष्ट्रीय सुरक्षा से सीधे जुड़ा है। भारत का यह कदम तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे देशी शोध और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। आने वाले वर्षों में यह नेटवर्क देश की डिजिटल सुरक्षा की रीढ़ बन सकता है।



