होर्मुज संकट से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर विशेष पड़ताल

होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही करीब 70 प्रतिशत घटने और जहाजों पर हमलों के बीच वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का संकट गहराता जा रहा है। इस विशेष पड़ताल में यह समझने की कोशिश की गई है कि भारत जैसे आयातक देशों के लिए कच्चे तेल की कीमतों और आपूर्ति सुरक्षा के क्या मायने हैं। होर्मुज मार्ग विश्व के तेल व्यापार की जीवनरेखा माना जाता है, इसलिए यहां कोई भी रुकावट सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों को हिला देती है। आवाजाही घटने से टैंकर बीमा और माल ढुलाई की लागत बढ़ गई है, जिसका असर कीमतों पर दिख रहा है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए लंबे संकट से आयात बिल और महंगाई दोनों पर दबाव बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि रणनीतिक भंडार, वैकल्पिक मार्गों और आपूर्तिकर्ताओं में विविधता ही इस जोखिम को कम कर सकती है। कूटनीतिक प्रयासों से मार्ग की सुरक्षा बहाल होना सभी के हित में बताया जा रहा है।



