भीख मांगते बच्चों के पुनर्वास की योजना पर दिल्ली बाल आयोग

दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) भीख मांगते बच्चों की पहचान, ट्रैकिंग और पुनर्वास की कार्ययोजना तैयार कर रहा है। यह कदम मुख्यमंत्री के करीब दो महीने पहले राजधानी को भिखारी-मुक्त बनाने के प्रस्ताव के बाद उठाया गया है।
आयोग के अध्यक्ष ओम प्रकाश व्यास के अनुसार बाल संरक्षण अधिकारियों, थानाध्यक्षों और स्वयंसेवी संगठनों से बातचीत की गई है। दिल्ली पुलिस ने पहले ही सार्वजनिक स्थानों और प्रमुख चौराहों पर भीख मांगते करीब 2,500 बच्चों की मैपिंग की है।
योजना के तहत बच्चों को उम्र और शिक्षा की जरूरत के अनुसार वर्गीकृत किया जाएगा। चार से दस साल के बच्चों को औपचारिक स्कूलों में दाखिले के लिए आंका जाएगा, जबकि 11 से 15 साल के बच्चों को व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
व्यास ने कहा कि जो बच्चे स्कूली शिक्षा में नहीं लौट सकते, उन्हें प्लंबिंग जैसे कौशल सिखाए जाएंगे, ताकि वे सड़कों पर भीख मांगने के बजाय खुद कमा सकें। यह अभियान राजधानी के सभी 13 जिलों में चलाया जाएगा।



