जंतर-मंतर प्रदर्शन में पत्रकारों के उत्पीड़न पर एनएचआरसी की नजर

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने तीन महिला पत्रकारों के उत्पीड़न के आरोपों पर स्वतः संज्ञान लिया है। आरोप है कि तीन अक्टूबर को जंतर-मंतर पर एक प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के कर्मियों ने पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार किया।
आयोग ने मामले में दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इस मामले की जांच मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम की धारा 12 के तहत की जा रही है।
प्रेस की स्वतंत्रता और प्रदर्शन की कवरेज करने वाले पत्रकारों की सुरक्षा लोकतंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। आयोग ने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन होगा।
आयोग ने पुलिस आयुक्त से जांच, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के संरक्षण और जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी है। मीडिया संगठनों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
महिला पत्रकारों के संगठनों ने इस घटना को प्रेस स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आयोग की रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी।



