टीबी उन्मूलन अभियान में राज्यों की प्रगति संतोषजनक

राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन अभियान की ताज़ा समीक्षा में कई राज्यों की प्रगति संतोषजनक पाई गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार समय पर जांच, मुफ्त दवाओं की उपलब्धता और मरीज़ों को पोषण सहायता मिलने से इलाज की सफलता दर में सुधार हुआ है। निक्षय पोषण योजना के तहत मरीज़ों को सीधे आर्थिक मदद भी दी जा रही है।
ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में टीबी की शीघ्र पहचान के लिए विशेष जांच शिविर लगाए जा रहे हैं। आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मियों की मदद से घर-घर जाकर संदिग्ध मरीज़ों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि निजी अस्पतालों से भी टीबी के मामलों की जानकारी साझा करने की व्यवस्था मज़बूत की गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए जनजागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। उनका कहना है कि खांसी दो हफ्ते से ज़्यादा रहे तो तुरंत जांच करानी चाहिए और इलाज बीच में नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि अधूरा इलाज बीमारी को और खतरनाक बना देता है।



