आर्थिक सर्वेक्षण में भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था की तस्वीर उभरी

वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत की अर्थव्यवस्था ने मजबूती और लचीलेपन का परिचय दिया है। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार देश ने उच्च विकास दर के साथ व्यापक आर्थिक स्थिरता हासिल की है। नियंत्रित मुद्रास्फीति, सशक्त सार्वजनिक निवेश और सेवा क्षेत्र के विस्तार ने इस मजबूती को सहारा दिया है। सामाजिक विकास के मोर्चे पर भी प्रगति दर्ज हुई है। भारत दुनिया की सबसे बड़ी स्कूली शिक्षा प्रणालियों में से एक संचालित करता है और राष्ट्रीय शिक्षा नीति, लचीले क्रेडिट ढाँचे तथा अंतरराष्ट्रीयकरण से उच्च शिक्षा का तेजी से विस्तार हुआ है। स्वास्थ्य परिणामों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। मातृ, शिशु और बाल मृत्यु दर में तेज गिरावट आई है, जो वैश्विक औसत से बेहतर बताई जा रही है। रोजगार संकेतक भी सकारात्मक रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में 56 करोड़ से अधिक लोग कार्यरत थे। श्रम सुधारों से गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा का दायरा मिला है, जबकि ई-श्रम पोर्टल ने असंगठित श्रमिकों, विशेषकर महिलाओं की कवरेज को मजबूत किया है। ग्रामीण विकास पहलों, गरीबी में कमी और सामाजिक सेवाओं पर बढ़ते खर्च ने समावेशी विकास को बल दिया है।



