दलित मंदिर प्रवेश आंदोलन की शताब्दी पर वर्ष भर कार्यक्रम

दलित मंदिर-प्रवेश आंदोलन की शताब्दी के अवसर पर साल भर चलने वाले राष्ट्रव्यापी स्मरण कार्यक्रम की घोषणा की गई है। यह कार्यक्रम तेरह अक्टूबर दो हजार छब्बीस से तेरह अक्टूबर दो हजार सत्ताईस तक चलेगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री चिंता मोहन ने इस आयोजन की घोषणा करते हुए कहा कि मंदिर प्रवेश आंदोलन सामाजिक समानता के संघर्ष का ऐतिहासिक अध्याय है। कार्यक्रम के दौरान देश भर में संगोष्ठियां, यात्राएं और जागरूकता अभियान आयोजित किए जाएंगे, जिनमें उस दौर के संघर्षों और सुधारकों को याद किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि शताब्दी वर्ष नई पीढ़ी को बराबरी और गरिमा के मूल्यों से जोड़ने का अवसर है। सामाजिक न्याय के क्षेत्र में काम करने वाले संगठनों ने इस पहल का स्वागत किया है। यह स्मरण केवल इतिहास को याद करना नहीं, बल्कि आज भी जारी समानता के संघर्ष को मजबूती देना है।



