दिव्यांग पेंशन पात्रता सीमा 80 से घटाकर 40 प्रतिशत

दिव्यांगजनों के लिए एक राहत भरा फैसला लिया गया है। दिव्यांग पेंशन की पात्रता सीमा को 80 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है। इस बदलाव से अब वे लोग भी योजना का लाभ ले सकेंगे, जिनकी दिव्यांगता 40 प्रतिशत या उससे अधिक है। पहले अधिक सीमा होने के कारण बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोग सहायता से वंचित रह जाते थे। नए नियम के तहत जन्म से ही सहायता उपलब्ध होगी और इसके लिए कोई न्यूनतम आयु सीमा नहीं रखी गई है। इसका अर्थ है कि दिव्यांग बच्चे भी इस सहायता के दायरे में आएंगे, जिससे उनके परिवारों को इलाज, शिक्षा और देखभाल में मदद मिलेगी। पेंशन की नियमित राशि परिवारों के लिए आर्थिक सहारा बनती है और सम्मानजनक जीवन जीने में सहायता करती है। दिव्यांग संगठनों ने लंबे समय से पात्रता सीमा घटाने की मांग की थी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण है, क्योंकि सहायता उसी को मिलनी चाहिए जिसे वास्तव में जरूरत है। अब अधिक से अधिक पात्र लोगों को योजना से जुड़ने के लिए जागरूक किया जाना भी जरूरी है, ताकि कोई भी हकदार व्यक्ति जानकारी के अभाव में लाभ से वंचित न रहे।



