नस्ली दुर्व्यवहार मामले में गरिमा के अधिकार का सवाल

त्रिपुरा के युवक के साथ नस्ली दुर्व्यवहार के वायरल वीडियो ने एक बार फिर गरिमा और समानता के अधिकार का सवाल खड़ा कर दिया है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि किसी व्यक्ति को उसके क्षेत्र, रंग या पहचान के आधार पर अपमानित करना संविधान में मिले समानता के अधिकार का सीधा उल्लंघन है। इस मामले में दिल्ली पुलिस की आईएफएसओ इकाई अगरतला पुलिस के साथ जांच कर रही है, लेकिन संगठनों की मांग है कि जांच के साथ-साथ ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए जागरूकता भी बढ़ाई जाए। पूर्वोत्तर के छात्रों और कामगारों के संगठनों ने लंबे समय से महानगरों में भेदभाव की शिकायतें उठाई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कानून की सख्ती के साथ सामाजिक सोच में बदलाव भी उतना ही जरूरी है। हर नागरिक को देश के किसी भी हिस्से में सम्मान के साथ रहने का अधिकार है, यही इस बहस का मूल संदेश है।



