मांडवी नदी प्रदूषण से जनस्वास्थ्य अधिकारों पर खतरा

गोवा की मांडवी नदी में मल-जल प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुंचने की खबर ने पर्यावरण और जनस्वास्थ्य अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में नदी के पानी में फीकल कोलीफॉर्म की मात्रा तय सीमा से अधिक पाई गई है, जो पानी के गंभीर रूप से दूषित होने का संकेत है। पर्यावरण कार्यकर्ताओं का कहना है कि नदी पर निर्भर मछुआरों, किनारे रहने वाले समुदायों और आम नागरिकों के स्वास्थ्य पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। स्वच्छ पर्यावरण और सुरक्षित पानी हर नागरिक का बुनियादी अधिकार है। विशेषज्ञों ने बिना उपचारित मल-जल के नदी में मिलने को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है। स्थानीय समुदायों ने प्रशासन से नियमित निगरानी और रिपोर्ट सार्वजनिक करने की अपील की है। मांडवी गोवा की जीवनरेखा मानी जाती है, इसलिए इसकी सुरक्षा पूरे राज्य के लिए पर्यावरणीय न्याय का प्रश्न है।



