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धर्म एवं संस्कृति

बस्तर दशहरे में आज मुरिया दरबार का आयोजन

23 October 2026, 11:43 am  |  लोकायत दर्पण

छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा उत्सव के तहत आज मुरिया दरबार का आयोजन हो रहा है। पचहत्तर दिनों तक चलने वाला यह अनूठा उत्सव अपनी आदिवासी परंपराओं और रीति-रिवाजों के लिए जाना जाता है। मुरिया दरबार में बस्तर के आदिवासी समुदाय के प्रतिनिधि एकत्र होकर परंपरागत रीति से विचार-विमर्श करते हैं।

बस्तर दशहरे की शुरुआत दंतेश्वरी मंदिर की परंपराओं से जुड़ी है और इसमें देवी दंतेश्वरी की पूजा का विशेष महत्व है। दशहरे के दौरान विशाल रथ यात्रा निकाली जाती है, जिसमें हजारों आदिवासी श्रद्धालु शामिल होते हैं। यह उत्सव बस्तर की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है और हर वर्ष बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक इसे देखने आते हैं। स्थानीय प्रशासन ने आयोजन को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। माना जाता है कि यह परंपरा तेरहवीं शताब्दी से चली आ रही है, जब बस्तर के राजाओं ने दंतेश्वरी देवी को कुलदेवी के रूप में प्रतिष्ठित किया था। रथ को खींचने के लिए विशेष लकड़ी का प्रयोग होता है और इसे बनाने में महीनों का समय लगता है।

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